डिज़ाइन गुरु दिवस कार्यक्रम में राजीव सेठी ने दिया गुरु मंत्र


पद्म भूषण से अलंकृत डिज़ाइनर राजीव सेठी ने आज कहा कि छात्रों को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की समझ होना ज़रूरी है। राष्ट्रीय राजधानी के पर्ल अकैडमी में आयोजित डिज़ाइन गुरु दिवस कार्यक्रम में श्री सेठी को भारतीय कला और डिजाइन में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में श्री सेठी ने कहा, यह जरूरी है कि शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों को केवल विदेशी रुझानों की नकल करने के बजाय हमारी परंपराओं को पहचानने, संरक्षित करने और जश्न मनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। प्रौद्योगिकी को मौलिकता में निहित नवाचार के लिए एक उपकरण के रूप में काम करना चाहिए। पश्चिम की नकल करने के साधन के रूप में नहीं। हमें अपने युवाओं को सार्थक तरीकों से अपनी संस्कृति को संरक्षित करने और पुनर्स्थापित करने के लिए प्रेरित करना होगा।

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श्री सेठी ने कहा,  मैं सरकार से और सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों से भी यही आग्रह करता हूँ कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा को भविष्य में बच्चे ही संजोकर रख सकते हैं तो उन्हें इसकी अहमियत और इसे आगे वैश्विक स्तर तक कैसे पहुँचाना है और प्रोद्योगिकी के इस्तेमाल से इससे कैसे लाभ उठाया जाना चाहिए यह बताने की सिखाने की ज़रूरत है। ग़ौरतलब है कि एशियन हेरिटेज फाउंडेशन के संस्थापक राजीव सेठी के डिजाइन और सांस्कृतिक संरक्षण में उनके काम ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।


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