त्रिकालदर्शी व चमत्कारी विश्व विख्यात माँ मातंगी दिव्य धाम सनातन धर्म का अग्रणी ध्वज वाहक संरक्षक है, जो निरंतर सनातन धर्म के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है | छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण के मामले सर्वाधिक हैं | इसलिये माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री डॉ. प्रेमासाई महराज जी के द्वारा छत्तीसगढ़ के सुकमा- नारायणपुर जैसे सुदूर आदिवासी अंचलो में लगातार निः शुल्क माँ मातंगी दिव्य दरबार एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाता रहा है | पूज्य गुरुदेव ने अपना समस्त जीवन सनातन धर्म को समर्पित कर दिया है, इसलिए उनके ये आयोजन पूर्णतः निः शुल्क होते है ताकि अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल होकर लाभ उठा सके | पूज्य गुरुदेव अपनी साधना शक्ति से लोगो के जीवन में चल रही और भविष्य में होने वाली समस्याओ को पर्चे पर पहले ही लिख देते हैं, साथ ही मौके पर ही समस्याओं का समाधान भी कर दिया जाता है | इससे सनातन धर्म के प्रति लोगों का आस्था और विश्वास प्रबल हुआ है | पूज्य गुरुदेव जी ने अपने कार्यक्रमों में अनेको धर्मान्तरित परिवारों को सनातन धर्म में पुनर्वापसी कराया गया है और उनका यह मुहीम लगातार जारी रहेगा |